• Home
  • Hindi Stories
  • Hindi Quotes
  • Hindi Poems
  • Hindi Biography
  • Hindi Slogans

Nayichetana.com

Nayichetana, Nayichetana.com, slogan in hindi




  • Home
  • Best Hindi Stories
  • Youtube Videos
  • Health In Hindi
  • Self Improvment
  • Make Money
You are here: Home / Best Hindi Post / महान पुत्र ऋषि कुमार नचिकेता की कहानी ! Nachiketa Story In Hindi

महान पुत्र ऋषि कुमार नचिकेता की कहानी ! Nachiketa Story In Hindi

February 21, 2018 By Surendra Mahara 5 Comments

ऋषि कुमार नचिकेता की अमर जीवनी ! Nachiketa Story In Hindi

Table of Contents

आश्रम का वातावरण हवन की सुगन्ध से भरा हुआ था. दूर – दूर के ऋषि महात्माओं को यज्ञ में बुलाया गया था. चारो और वेद मंत्रोच्चारण की ध्वनि गूंज रही थी.

बहुत पुरानी बात है जब हमारे यहाँ वेदों का पठन – पाठन होता था. ऋषि आश्रमों में रहकर शिष्यों को वेदों का ज्ञान देते थे. उन दिनों एक महर्षि थे वाजश्रवा. वे महान विद्वान और चरित्रवान थे.

नचिकेता (Nachiketa) के पिता का नाम वाजश्रवा था. एक बार महर्षि वाजश्रवा ने ‘विश्वजीत’ यज्ञ किया और उन्होंने प्रतिज्ञा की कि इस यज्ञ में मैं अपनी सारी संपत्ति दान कर दूंगा.

महान पुत्र ऋषि कुमार नचिकेता की कहानी , Nachiketa Story In Hindi

Nachiketa Or Yamraj

ऋषि कुमार नचिकेता के जीवन पर निबंध – Nachiketa Story In Hindi

कई दिनों तक यज्ञ चलता रहा. यज्ञ की समाप्ति पर महर्षि ने अपनी सारी गायों को यज्ञ करने वालो को दक्षिणा में दे दिया. दान देकर महर्षि बहुत संतुष्ट हुए. बालक नचिकेता के मन में गायों को दान में देना अच्छा नहीं लगा क्योंकि वे गायें बूढी और दुर्बल थी. ऐसी गायों को दान में देने से कोई लाभ नहीं होगा. उसने सोचा पिताजी जरुर भूल कर रहे है. पुत्र होने के नाते मुझे इस भूल के बारे में बताना चाहिए.

नचिकेता पिता के पास गया और बोला, ” पिताजी आपने जीन वृद्ध और दुर्बल गायों को दान में दिया है उनकी अवस्था ऐसी नहीं थी कि ये दूसरे को दी जाएँ.

महर्षि बोले, ” मैंने प्रतिज्ञा की थी कि, मैं अपनी सारी सम्पत्ति दान कर दूंगा, गायें भी तो मेरी सम्पत्ति थी. अगर मैं दान न करता तो मेरा यज्ञ अधूरा रह जाता.

नचिकेता ने कहा, ” मेरे विचार से दान में वही वास्तु देनी चाहिए जो उपयोगी हो तथा दूसरो के काम आ सके फिर मैं तो आपका पुत्र हूँ बताइए आप मुझे किसे देंगे ?

महर्षि ने नचिकेता (Nachiketa) की बात का कोई उत्तर नहीं दिया परन्तु नचिकेता ने बार – बार वही प्रश्न दोहराया. महर्षि को क्रोध आ गया. वे झल्लाकर बोले, ” जा, मैं तुझे यमराज को देता हूँ.

नचिकेता आज्ञाकारी बालक था. उसने निश्चय किया कि मुझे यमराज के पास जाकर अपने पिता के वचन को सत्य करना है. अगर मैं ऐसा नहीं करूँगा तो भविष्य में मेरे पिता जी का सम्मान नहीं होगा.

नचिकेता ने अपने पिता से कहा, ” मैं यमराज के पास जा रहा हूँ. अनुमति दीजिये. महर्षि असमंजस में पड़ गये. काफी सोच – विचार के बाद उन्होंने ह्रदय को कठोर करके उसे यमराज के पास जाने की अनुमति दी.

नचिकेता यमलोक पहुँच गया परन्तु यमराज वहां नहीं थे. यमराज के दूतों ने देखा कि नचिकेता का जीवनकाल अभी पूरा नहीं हुआ है. इसलिए उसकी ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया. लेकिन नचिकेता तीनो दिन तक यमलोक के द्वार पर बैठा रहा.

चौथे दिन जब यमराज ने बालक नचिकेता को देखा तो उन्होंने उसका परिचय पूछा. नचिकेता ने निर्भीक होकर विनम्रता से अपना परिचय दिया और यह भी बताया कि वह अपने पिताजी की आज्ञा से वहां आया है |

यमराज ने सोचा कि यह पितृ भक्त बालक मेरे यहाँ अतिथि है. मैंने और मेरे दूतों ने घर आये हुए इस अतिथि का सत्कार नहीं किया. उन्होंने नचिकेता से कहा, ” हे ऋषिकुमार, तुम मेरे द्वार पर तीन दिनों तक भूखे – प्यासे पड़े रहे, मुझसे तीन वर मांग लो |

नचिकेता ने यमराज को प्रणाम करके कहा, ” अगर आप मुझे वरदान देना चाहते है तो पहला वरदान दीजिये कि मेरे वापस जाने पर मेरे पिता मुझे पहचान ले और उनका क्रोध शांत हो जाये.

यमराज ने कहा- तथास्तु, अब दूसरा वर मांगो.

नचिकेता ने सोचा पृथ्वी पर बहुत से दुःख है, दुःख दूर करने का उपाय क्या हो सकता है ? इसलिए नचिकेता ने यमराज से दूसरा वरदान माँगा-

स्वर्ग मिले किस रीति से, मुझको दो यह ज्ञान |
मानव के सुख के लिए, माँगू यह वरदान ||

यमराज ने बड़े परिश्रम से वह विद्या नचिकेता को सिखाई. पृथ्वी पर दुःख दूर करने के लिए विस्तार में नचिकेता ने ज्ञान प्राप्त किया. बुद्धिमान बालक नचिकेता ने थोड़े ही समय में सब बातें सीख ली. नचिकेता की एकाग्रता और सिद्धि देखकर यमराज बहुत प्रसन्न हुए. उन्होंने नचिकेता से तीसरा वरदान माँगने को कहा |

नचिकेता ने कहा, ” मृत्यु क्यों होती है ? मृत्यु के बाद मनुष्य का क्या होता है ? वह कहाँ जाता है ?

यह प्रश्न सुनते ही यमराज चौंक पड़े. उन्होंने कहा, ” संसार की जो चाहो वस्तु माँग लो परन्तु यह प्रश्न मत पूछो किन्तु नचिकेता ने कहा, ” आपने वरदान देने के लिए कहा, अतः आप मुझे इस रहस्य को अवश्य बतायें |

नचिकेता की दृढ़ता और लगन को देखकर यमराज को झुकना पड़ा.

उन्होंने नचिकेता को बताया की मृत्यु क्या है ? उसका असली रूप क्या है ? यह विषय कठिन है इसलिए यहाँ पर समझाया नहीं जा सकता है किन्तु कहा जा सकता है कि जिसने पाप नहीं किया, दूसरो को पीड़ा नहीं पहुँचाई, जो सच्चाई के राह पर चला उसे मृत्यु की पीड़ा नही होती. कोई कष्ट नहीं होता है.

इस प्रकार नचिकेता ने छोटी उम्र में ही अपनी पितृभक्ति, दृढ़ता और सच्चाई के बल पर ऐसे ज्ञान को प्राप्त कर लिया जो आज तक बड़े – बड़े पंडित, ज्ञानी और विद्वान् भी न जान सके |

(कठोपनिषद के आधार पर)

नचिकेता से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

*. नचिकेता नाम का मतलब एक प्राचीन ऋषि के अनुसार आग होता है

*. नचिकेता का प्रथम वर क्या था – मेरे पिता मेरे प्रति क्रोध न करे, वे शान्त तथा प्रसन्नचित्त हों और यहाँ से जाने के पश्चात् वह मुझे पहचान कर ही बातचीत करें.

*. वाजश्रवा के पुत्र का क्या नाम था – नचिकेता

*. नचिकेता ने दूसरा वरदान क्या मांगा – मुझे ज्ञान प्राप्त करने के लिए किस किस तरह के कर्मों और यज्ञों को करने की जरूरत है.

Read More :
*. सत्यवादी महाराज हरिश्चन्द्र की जीवनी !
*. शेर-ए पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की जीवनी !

निवेदन- आपको Nachiketa Story In Hindi, महान पुत्र ऋषि कुमार नचिकेता की कहानी,Nachiketa Ki Kahani Hindi Article पढ़कर कैसा लगा. आप हमें Comments के माध्यम से अपने विचारो को अवश्य बताये. हमें बहुत ख़ुशी होगी.

@ हमारे Facebook Page को जरूर LIKE करे. आप हमसे Youtube पर भी जुड़ सकते है

Similar Articles:

  1. महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी !
  2. आर्य समाज संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती की जीवनी
  3. इतिहास के महान शासक महाराणा प्रताप की जीवनी
  4. महान वीरांगना रानी दुर्गावती की जीवनी ! Rani Durgavati Ki Jivani
  5. शेर-ए पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की जीवनी ! Maharaja Ranjit Singh In Hindi

Comments

  1. Jatin Mehta says

    August 21, 2022 at 4:19 pm

    Very good information about nachiketha Very good knowledge about ancient Indian culture

  2. Priya Chauhan says

    June 26, 2018 at 10:47 am

    Very nice Story…

  3. VISHAL BABU says

    April 26, 2018 at 10:38 pm

    🐵🐴🐎 very beautiful

  4. Gk says

    January 13, 2018 at 8:07 am

    Nice info

  5. netal vyas says

    December 12, 2017 at 11:55 pm

    Nachiketa ki kahani ek asan our sabhiko samzme aye aisi saral bhashsaili may sazane ki aapne koshish ki hai jo sarahniy hai
    Dhanywad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *




Top 7 Best Article In Nayichetana. Com

  • चाणक्य की 10 बातें आपकी ज़िन्दगी बदल सकती है
  • 3 बुरी लत जो आपकी जिंदगी बर्बाद कर देगी
  • Online घर बैठे Paise कैसे कमायें
  • Teenage में ये 7 गलतियाँ कभी भी न करना
  • वजन बढ़ाने मोटा होने के 21 आसान उपाय
  • 3 लोग जिन्हें आपको कभी धोखा नहीं देना चाहिए
  • लम्बाई बढाने के 23 बेस्ट तरीके

Recent Posts

  • The Mental Toughness Handbook Hindi Summary
  • भगत सिंह के विचार | Bhagat Singh Quotes In Hindi
  • दोस्ती का विश्वास Best Hindi Story Of Two Friends
  • विलियम शेक्सपियर के विचार
  • हार के बाद मिलेगी सफलता After Failure Gain Success In Hindi
  • शराब और साहूकार हिन्दी प्रेरणादायक कहानी
| About Us | Contact Us | Privacy Policy | Terms and Conditions | Disclosure & Disclaimer |

You Are Now: Nayichetana.com Copyright © 2015 - 2025 to Nayichetana.com